वक़्त इंतजार का
ये वक़्त इंतजार का है,
कहीं खत्म तो कहीं शुरू होते इंतजार का।
कोई अरसे बाद घर पर रुका होगा,
तो कोई वापस घर लौट आना चाहता होगा।
कोई खुश है बच्चों के साथ वक़्त बिता कर,
तो कोई इंतजार कर रहा उस टपरी वाली शाम का।
कोई बरसों बाद माँ की गोद में सो रहा होगा,
तो कोई एक झलक कब मिलेगी सोच कर रो रहा होगा।
किसी ने सुकून से परिवार के साथ खाना खाया होगा,
तो किसी को भूखे बच्चों का ख़्याल सताया होगा।
कोई घर से काम कर रहा होगा,
तो कोई वापस काम पर लौटने की राह देख रहा होगा।
किसी को अपनों के संग इतने दिन गुजारकर आंनद आया होगा,
तो किसी को अपनों से दुरियों के ख़्याल ने सताया होगा।
ये वक़्त इंतजार का है,
कहीं खत्म तो कहीं शुरू होते इंतजार का।
- पूजा डौरवाल
Very nice 👌👌
जवाब देंहटाएंThank you☺️💫
हटाएंAwsm dear...
जवाब देंहटाएंThank you di💫☺️
हटाएं👍👍👍👍👍👍
जवाब देंहटाएंThank you💫💫
हटाएंSuperbb....mind blowing
जवाब देंहटाएंThank you💫💫
हटाएंArr whaa kya bt h
जवाब देंहटाएंShukriya💫💫
हटाएंVery nice line 👌👌👌👌
जवाब देंहटाएंThank you💫💫
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