टपकते मोती



क़ुदरत का जादू तो है ही सबसे प्यारा, रोज़ हमारे कुछ ना कुछ दिल में बस जाने वाला जादुई नजारा देखने को मिल ही जाते है। और कभी-कभी तो इन नजारों में ऐसे खो जाते है वक़्त का पता ही नहीं चलता।

अपार्टमेंट की पहली मंजिल की खिड़की से दूर-दूर के नजारे को चारदीवारी पर लगे ये पेड़ अपने पीछे छुपा लेते है, मानो जैसे ये कहने की कोशिश कर रहे हो कि आपको बस हम अपने जादू दिखाएंगे क्योंकि आप हमें बेहद पसंद हैं। 
आप भी सोच रहे होंगे ये पेड़ क्या जादु दिखाएंगे पर ये पेड़ अकेले नहीं है इनके साथ देती है वो लाइटें

एक शाम की बात है मैं अपने कमरे में बैठी थी अचानक बारिश के आवाज़ कानों में पड़ी। जब पर्दे हटा कर बाहर देखा तो जोरों से बारिश हो रही थी, अनायास ही मेरी नजरें कोने वाली लाईट पर पड़ी, लाइट की रौशनी में बारिश की बूंदें साफ दिख रही थी, पर अभी तो लाईट और बारिश की बूंदों का अपना मिलाजुला जादू दिखाना बाकी था। उस लाइट में दिखाई देती बूंदों में "एक चमकती बूँद टपकी" उसे देख कर ऐसा लगा जैसे उस लाइट से कोई मोती गिरा हो और वो पेड़ों के पत्ते लाइट के आसपास ऐसे मंडरा रहे थे जैसे वो हर उस मोती को अपनी झोली में समेटना चाहते हो। उन मोतियों के टपकने का, पत्तों का उन्हें अपने आँचल में भर लेना और मेरे उनको निहारने का सिलसिला घण्टों तक यों ही चलाता रहा।

कमाल का होता है ये जादू, बारिश के मौसम में रात के वक़्त में हर स्ट्रीट लाइट से मोती टपकते है कभी वक़्त निकाल कर जरूर देखना।

- पूजा डौरवाल

टिप्पणियाँ

  1. Beautiful....tapkte moti expresses beauty of nature n you express this beauty in your beautiful words...keep writing dear

    जवाब देंहटाएं
  2. वाकई टपकते मोती की ये पक्तियां यह बहुत अच्छे से बताती है कि हमसे बारिश के वक़्त कितना अहम नजारा क्या पीछे छूट रहा है

    It's really really excellent work i appreciate you keep it up 👍

    जवाब देंहटाएं
  3. Nature ka her work sandaar hota hai. Good lines.
    Keep it up

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नयी पहचान

वक़्त इंतजार का

कौन नहीं चाहता